Satya Report: भारतीय घरों में इसबगोल का इस्तेमाल सदियों से कब्ज और पेट की समस्याओं के लिए किया जाता रहा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह साधारण सा दिखने वाला भूसा आपके वजन को कंट्रोल कर सकता है और मेटाबॉलिज्म को सुधारने में भी मददगार हो सकता है? हाल ही में एक फिटनेस कोच Dan Go ने खुद पर 20 दिनों तक इसबगोल के प्रभाव का परीक्षण किया, जिसके परिणाम काफी चौंकाने वाले रहे।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से दी गई है। यह किसी भी प्रकार की पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है।
एक्सपर्ट ने बताया कि उन्होंने इसबगोल की मात्रा ज्यादा ली थी, लेकिन उसका ऐसा असर होने की उम्मीद नहीं थी। एक्सपर्ट ने बताया उन्होंने 28 दिनों का रूटीन अपनाया, जिसमें लगातार 20 दिनों तक हर मील से पहले दिन में तीन बार दो बड़े चम्मच इसबगोल लिया। यानी केवल इसबगोल से ही रोज लगभग 48 से 56 ग्राम फाइबर लिया। एक्सपर्ट ने 20 दिनों तक इसबगोल के सेवन को लेकर बॉडी में होने वाले अलगअलग बदलाव का जिक्र किया। आइए जानते हैं कि बॉडी में कौन से इफेक्ट और साइड इफेक्ट देखने को मिले।
शुरुआत में महसूस की थकान
एक्सपर्ट ने बताया कि उन्होंने इसबगोल जब लेना शुरु की तो पहलेपहले उन्हें काफी थकान महसूस हुई। पहले वो थकान का कारण नहीं समझ पा रहे थे लेकिन जब दिमाग लगाया तो पता चला कि वो पर्याप्त पानी का सेवन नहीं कर रहे थे। एक्सपर्ट ने बताया इसबगोल काम करते समय काफी पानी सोख लेता है, जैसे ही उन्होंने पानी की मात्रा बढ़ाई, एक दिन के अंदर ही उनकी थकान कंट्रोल हो गई।
पाचन पर भी दिखा असर
एक्सपर्ट ने बताया जैसेजैसे दिन बीतते गए, उन्होंने अपनी भूख और पाचन में बदलाव महसूस किया। एक्सपर्ट ने बताया उनकी भूख में कमी आ गई थी। खाने के बाद पेट भरा हुआ लगता था, स्नैकिंग की जरूरत नहीं पड़ती थी और क्रेविंग्स भी कम हो गई थीं। एक्सपर्ट ने बताया इसे खाने के बाद वो जानबूझकर कम नहीं खा रहे थे, बल्कि कुछ खाने का मन ही नहीं कर रहा था। पहले हफ्ते के अंत तक इसके प्रभाव और ज्यादा साफ दिखाई देने लगे। Dan Go ने बताया सातवें दिन तक उनका पाचन कई सालों में सबसे बेहतर हो गया था। उनके पेट में गैस कम हो गई थी और ब्लोटिंग कंट्रोल हो गई थी।
इसबगोल पाचन पर कैसे करती है काम
एक्सपर्ट ने बताया इसबगोल एक घुलनशील फाइबर है, जो पानी सोखकर आंतों में जेल जैसा पदार्थ बनाता है। इससे पाचन धीमा होता है, अच्छे गट बैक्टीरिया को सपोर्ट मिलता है और ग्लूकोज़ व कोलेस्ट्रॉल के प्रोसेस पर भी असर पड़ता है। इसका सेवन करते समय पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है, वरना ये आंतों में जमा होने लगती है। आप दिन भर में ज्यादा से ज्यादा पानी पीने का लक्ष्य रखें।
इसबगोल क्या फल, सब्जियों और दालों का विकल्प है?
एक्सपर्ट ने बताया इसबगोल फायदेमंद हो सकता है, लेकिन यह सब्जियां, फल और दाल जैसे प्राकृतिक फाइबर का विकल्प नहीं है। साथ ही यह हर किसी के लिए उपयुक्त नहीं हो सकता। कुछ परेशानियों जैसे आंतों में रुकावट, गंभीर गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल संकुचन, निगलने में दिक्कत और GLP1 जैसी दवाएं लेने वाले लोगों के लिए ये सुरक्षित विकल्प नहीं है।
क्या रोजाना अधिक मात्रा में इसबगोल लेना सुरक्षित है?
Tone 30 Pilates की फिटनेस डाइटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट Ashlesha Joshi ने बातचीत में बताया मेडिकल न्यूट्रिशन के नजरिए से इसबगोल सेहत के लिए सुरक्षित है, अगर इसे संतुलित मात्रा में, सही अंतराल के साथ और पर्याप्त पानी के साथ लिया जाए। लेकिन बिना निगरानी के दिन में तीन बार अधिक मात्रा में लेना पाचन पर दबाव डाल सकता है।
ज्यादा इसबगोल का सेवन कैसे करता है साइड इफेक्ट
एक्सपर्ट ने बताया रोजाना ज्यादा मात्रा में इसबगोल का सेवन करने से ब्लोटिंग, पेट में असहजता या पानी की कमी होने पर आंतों में रुकावट तक हो सकती है। एक्सपर्ट ने बताया गट हेल्थ के फायदे डोज पर निर्भर करते हैं, इसलिए ज्यादा लेना हमेशा बेहतर नहीं होता और इसे व्यक्ति की सहनशीलता के मुताबिक ही लेना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से दी गई है। यह किसी भी प्रकार की पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। इसबगोल या किसी भी फाइबर सप्लीमेंट का अधिक मात्रा में सेवन करने से पहले डॉक्टर या योग्य न्यूट्रिशनिस्ट से सलाह लेना जरूरी है। यदि आपको पेट से जुड़ी कोई समस्या, पुरानी बीमारी, दवा का नियमित सेवन, या निगलने में दिक्कत है, तो इसका इस्तेमाल सावधानी से करें।



