Satya Report: साउथ सुपरस्टार थालापति विजय की फिल्म जन नायकन लंबे समय से विवादों में घिरी है। फिल्म की रिलीज पर लगी रोक के बाद उसके ऑनलाइन लीक्स को लेकर भी खूब सुर्खियां देखने को मिली हैं। अब बताया जा रहा है कि जन नयागान फिल्म के लीक में एडिटर का हाथ हो सकता है। एक संभावित आरोपी एडिटर का नाम भी इस मामले में सामने आ रहा है। इतना नहीं साउथ के फिल्म एसोसिएशन ने इस कथित आरोपी एडिटर को अनिश्चितकाल के लिए सस्पेंड भी कर दिया है।

क्या है अब तक का अपडेट?
हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, एसआईएफएए ने एक बयान में कहा, ‘एसोसिएशन की कार्यकारी समिति के समक्ष यह पुष्टि की गई है कि फिल्म संपादक श्री प्रदीप ई. राघव ने जन नायकन सहित अपनी सभी फिल्मों में गैरसदस्यों को सहायक के रूप में नियुक्त करके दक्षिण भारत फिल्म संपादक संघ के नियमों का लगातार उल्लंघन किया है। यह कृत्य संघ के नियमों के विरुद्ध है।’ इसके अलावा, हालांकि प्रदीप ई. राघव फिल्म ‘जना नायगन’ को इंटरनेट पर अवैध रूप से रिलीज करने के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं हैं, लेकिन उन्होंने स्वीकार किया है कि उनकी लापरवाही ही इसका कारण थी। अगर यह स्थिति बनी रहती है, तो फिल्म उद्योग के ठप होने का खतरा है। दक्षिण भारत फिल्म संपादक संघ का यह कर्तव्य है कि भविष्य में ऐसी अवांछित घटनाओं को रोका जाए।
क्या फ्रीलांस एडिटर ने फुटेज लीक किया?
यह घटना तमिलनाडु साइबर क्राइम विंग द्वारा इस मामले में एक फ्रीलांस असिस्टेंट एडिटर समेत तीन और लोगों की गिरफ्तारी के कुछ दिनों बाद सामने आई है। खबरों के मुताबिक फ्रीलांस असिस्टेंट एडिटर किसी दूसरी फिल्म पर काम कर रहा था, तभी एडिटिंग स्टूडियो में उसे अनाधिकृत रूप से ‘जना नयागान’ की फुटेज मिल गई। माना जा रहा है कि इस फ्रीलांसर ने फिल्म की फुटेज कॉपी की, डेटा को प्रोसेस करके पूरा वर्जन बनाया और दूसरों के साथ शेयर कर दिया। हालांकि यह फुटेज जल्द ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और पायरेसी वेबसाइटों तक भी पहुंच गई। इस मामले में अब तक कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।



