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​प्रेग्नेंसी में करवा चौथ का व्रत रखना कितना सेफ? महिला को कौन सी गलतियां भूल से भी नहीं करनी चाहिए?

करवा चौथ इस बार 29 अक्टूबर को सेलिब्रेट किया जाएगा. महिलाएं इस दिन बिना पानी के उपवास करती हैं और शाम को चंद्रमा का पूजन करके व्रत पारण किया जाता है. निर्जला उपवास काफी कठिन माना जाता है. अगर कोई मेडिकल कंडीशन हो तो और भी ध्यान रखने की जरूरत होती है. प्रेग्नेंसी फेज में हैं और करवा चौथ का व्रत करने की सोच रही हैं तो एक्सपर्ट से जान लें कि ये सुरक्षित है या फिर नहीं. अगर व्रत करना आवश्यक है तो आपको किन बातों को ध्यान में रखना जरूरी है.

​प्रेग्नेंसी में करवा चौथ का व्रत रखना कितना सेफ? महिला को कौन सी गलतियां भूल से भी नहीं करनी चाहिए?

एक्सपर्ट ने बताया है कि गर्भवस्था के दौरान व्रत करना हो तो सरगी में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए. किनकिन कंडीशन में व्रत रखने से बचना चाहिए और व्रत के दौरान आप अपना रूटीन किस तरह रखें. इसके अलावा पारण के वक्त भी खानपान से जुड़ी कुछ बातों को ध्यान में रखना आवश्यक होता है. चलिए जान लेते हैं विस्तार में.

प्रेग्नेंसी में करवा चौथ का व्रत

कैलाश दीपक हॉस्पिटल की कंसल्टेंट ऑब्स एंड गायकनोलॉजिस्ट, डॉ. प्रज्ञा कंसल ने कहा, “करवाचौथ का व्रत एक महत्वपूर्ण धार्मिक परंपरा है, लेकिन क्या यह व्रत करना किसी हेल्थ कंडीशन के दौरान भी सुरक्षित है. दरअसल यह सब आपके स्वास्थ्य, हाइड्रेशन, दवाओं और आप कितने समय तक उपवास कर सकते हैं, इस पर निर्भर करता है.”

बीमार होने पर या प्रेग्नेंसी में बिना पानी के व्रत करना सुरक्षित विकल्प नहीं है, लेकिन फिर भी, अगर आप करवा चौथ पर उपवास करना चाहती हैं, तो आप पौष्टिक सरगी खा सकते हैं. इसका मतलब है कि सुबह 4:00 बजे से पहले आप ले सकते हैं जैसे दही, फल और मेवे तो थाली का हिस्सा बनाएं. इसके अलावा आप उपवास से पहले अच्छी तरह शरीर को हाइड्रेटेड करें. इसके लिए आप एक बार में बहुत सारा पानी न पिएं, बल्कि व्रत से पहले नियमित रूप से पानी के साथ ही हेल्दी ड्रिंक्स पीती रहें.

इन बातों का रखें ध्यान

प्रेग्नेंसी में व्रत कर रही हैं तो इस बात का भी ध्यान रखें कि किसी भी तरह की भारी गतिविधि को करने से बचें. ज्यादा काम करने से आपको कमजोरी और थकान हो सकती है. बाहर धूप में जाने से बचें. कोशिश करें कि आप आराम करें और लंबे समय तक एक जगह बैठने से बचें. सरगी में बहुत तलीभुनी भारी चीजें न खाएं. कोशिश करें कि निर्जला व्रत करने से बचें, क्योंकि गर्भावस्था के दौरान लंबे समय तक बिना पानी पिए रहने से बहुत ज्यादा कमजोरी हो सकती है.

पारण के समय भी रखें ध्यान

करवा चौथ का व्रत रखा है तो उपवास पारण करने के दौरान भी ध्यान रखें. सबसे पहले पानी से शुरू करें, फिर हल्का भोजन और फिर एक संतुलित भोजन करें. इस बात का भी ध्यान रखें कि एक बार में बहुत सारा खाने या ढेर सारा पानी पीने से बचें. अगर आपको मधुमेह है, उच्च रक्तचाप है या कोई अन्य प्रकार की मेडिकल कंडीशन है, तो बेहतर है कि आप उपवास से बचें या अगर आप उपवास करना चाहते हैं, तो आप अपना उपवास फलों और तरल पदार्थों पर रख सकते हैं.

ये है सबसे जरूरी बात

प्रेग्नेंसी में करवा चौथ का व्रत रखने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें. गाइनेकोलॉजिस्ट आपकी मेडिकल कंडीशन के हिसाब से ये बताएंगी कि आपके और गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए ये सेफ है या नहीं. अगर आप गर्भावस्था में व्रत कर रही हैं और इस दौरान असहजता, कमजोरी महसूस हो तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. अपने डॉक्टर से मिलें और कठिनाई हो तो पानी, दूध जैसी चीजें ले लेनी चाहिए.

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