
देश की राजधानी दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके से एक बेहद चौंकाने वाला और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। बीती 12 जून की रात को तुगलकाबाद (टीकेडी) एक्सटेंशन की एक 5 मंजिला इमारत में लगी भीषण आग कोई शॉर्ट सर्किट या तकनीकी हादसा नहीं, बल्कि एक सोची-समझी खौफनाक आपराधिक साजिश थी। महज़ एक स्कूटी को फूंकने के चक्कर में पूरी हंसती-खेलती बिल्डिंग को श्मशान बना दिया गया। इस खौफनाक अग्निकांड में तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। पुलिस ने जब घटनास्थल के आसपास के CCTV फुटेज खंगाले, तो एक नाबालिग लड़की की संदिग्ध हरकत ने इस पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
CCTV फुटेज से खुला राज: आधी रात को बोतल में पेट्रोल लेकर घुसी लड़की
12 जून की देर रात करीब 2:24 बजे जब पूरी दुनिया सो रही थी, तब गली नंबर-1 स्थित इस पांच मंजिला इमारत में अचानक चीख-पुकार मच गई। ग्राउंड फ्लोर से उठी आग की लपटों ने देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग को अपनी आगोश में ले लिया। इस हादसे में 8 लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे, जिनमें से इलाज के दौरान पंकज पांडेय, सुशीला देवी और सोनिया कुमारी की मौत हो गई। शुरुआती जांच में पुलिस इसे शॉर्ट सर्किट मान रही थी, लेकिन जब पुलिस ने गली के CCTV कैमरे चेक किए, तो रात के अंधेरे में एक लड़की चुपचाप बिल्डिंग के अंदर दाखिल होती दिखी और उसके बाहर निकलते ही जोरदार धमाका हुआ।
पैसों का विवाद और रंजिश: स्कूटी जलाने के लिए नाबालिग को दिए पेट्रोल-माचिस
पुलिस ने जब मुस्तैदी दिखाते हुए फुटेज में दिख रही 17 वर्षीय नाबालिग लड़की को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने जो उबला, उसे सुनकर पुलिस अधिकारियों के भी पैरों तले जमीन खिसक गई। नाबालिग ने कुबूल किया कि उसे सरिता नाम की महिला ने इस काम के लिए उकसाया था। सरिता ने ही उसे पेट्रोल से भरी बोतल और माचिस देकर बिल्डिंग में रहने वाले दीपक नाम के शख्स की स्कूटी में आग लगाने के लिए भेजा था। दीपक और सरिता के बीच लंबे समय से पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था।
दो भाई निकले इस खौफनाक खेल के असली मास्टरमाइंड
नाबालिग के बयान के आधार पर पुलिस ने जब तुरंत छापेमारी कर सरिता को दबोचा, तो इस खौफनाक खेल की आखिरी कड़ियां भी जुड़ गईं। सरिता ने खुलासा किया कि वह तो सिर्फ मोहरा थी, इस पूरी वारदात के असली मास्टरमाइंड निरंजन 33 वर्ष और उसका भाई राजकुमार 27 वर्ष हैं। दोनों भाई दीपक से अपनी पुरानी निजी रंजिश का बदला लेना चाहते थे। बदला लेने के इसी सनकी जूनून में उन्होंने दीपक की स्कूटी फूंकने की स्क्रिप्ट लिखी, लेकिन उन्हें अंदाज़ा नहीं था कि उनकी यह रंजिश तीन बेकसूरों की जान ले लेगी और पूरी इमारत को राख के ढेर में बदल देगी।
आरोपियों पर लगी हत्या और साजिश की गंभीर धाराएं, पुलिस एक्शन में
साजिश की परतें खुलते ही दिल्ली पुलिस ने मामले का रुख बदल दिया है। शुरुआत में दर्ज की गई लापरवाही की मामूली धाराओं को हटाकर अब आरोपियों पर आपराधिक साजिश (Criminal Conspiracy), हत्या, गैर इरादतन हत्या, हत्या के प्रयास और रात के समय घर में घुसकर आगजनी करने जैसी कई संगीन और गैर-जमानती धाराएं जोड़ दी हैं। पुलिस ने मास्टरमाइंड भाइयों समेत चारों आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है और मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई और सबूत जुटाने में लगी है।



