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बजाज के नाम पर लगाई 2 करोड़ की चपत, भाई-बहन और बहनोई के साथ मिलकर मुंबई से चला रहा था फैमिली रैकेट..

बजाज के नाम पर लगाई 2 करोड़ की चपत, भाई-बहन और बहनोई के साथ मिलकर मुंबई से चला रहा था फैमिली रैकेट..

उत्तर प्रदेश की जौनपुर पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम को एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने बजाज फाइनेंस कंपनी के नाम पर लोन, इंश्योरेंस और सस्ते टूर पैकेजेस का झांसा देकर देश भर के लोगों से करीब 2 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह कोई आम अपराधियों का गिरोह नहीं, बल्कि एक पूरा ‘फैमिली रैकेट’ है। इस धंधे में मुख्य आरोपी के साथ उसका सगा भाई, बहन और बहनोई भी शामिल हैं। पुलिस ने गिरोह के मुख्य मास्टरमाइंड को दबोच लिया है।

फर्जी वेबसाइट और ऐप का मायाजाल: ऐसे फंसाते थे जाल में

यह शातिर गिरोह सीधे-साधे और जरूरतमंद लोगों को अपना शिकार बनाता था। बजाज जैसी प्रतिष्ठित कंपनी के नाम का गलत इस्तेमाल करने के लिए आरोपियों ने हूबहू मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइटें और मोबाइल एप्लिकेशन्स तैयार कर रखे थे। पुलिस ने बरसठी थाना क्षेत्र के पपरावन गांव के रहने वाले मुख्य सरगना शुभम सिंह को गिरफ्तार किया है। शुभम बेहद शातिर तरीके से लोगों को भारी इन्वेस्टमेंट पर तगड़े मुनाफे और बेहद सस्ते टूर एंड ट्रैवल्स पैकेज का लालच देकर अपने जाल में फंसाता था।

मुंबई से जौनपुर तक फैला था नेटवर्क, बहन-बहनोई थे ‘हंटर’

जौनपुर पुलिस के मुताबिक, इस पूरे ठगी नेटवर्क का ताना-बाना मुंबई से लेकर जौनपुर तक बुना गया था। मास्टरमाइंड शुभम सिंह का भाई, बहन और बहनोई मुंबई में रहकर इस रैकेट को ऑपरेट करते थे। मुंबई में मौजूद उसके ये रिश्तेदार वहां लोन, इंश्योरेंस और इन्वेस्टमेंट की इच्छा रखने वाले भोले-भाले ग्राहकों को तलाशते थे और उनका डेटा जौनपुर में बैठे शुभम सिंह को भेज देते थे। इसके बाद शुभम ग्राहकों को कॉल करके फाइल चार्ज, प्रोसेसिंग फीस, एप्लीकेशन फीस और रजिस्ट्रेशन के नाम पर अपने खातों में मोटी रकम ट्रांसफर करवा लेता था। रकम ट्रांसफर होते ही वह ग्राहकों के नंबर ब्लॉक कर देता था।

साल 2021 से चल रहा था खेल, नेशनल साइबर पोर्टल पर दर्ज हैं 20 से ज्यादा शिकायतें

पुलिस की कड़ी पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी शुभम सिंह साल 2021 से लगातार देश के अलग-अलग हिस्सों में साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। शातिरों ने बकायदा ‘बजाज टूर एंड ट्रैवल्स’ के नाम से एक फर्जी कंपनी भी कागजों पर रजिस्टर्ड करवा रखी थी। शुभम और उसके भाई ने अलग-अलग बैंकों में करीब 10-10 फर्जी खाते खुलवाए थे। ठगी की पूरी रकम इन्हीं खातों में मंगवाई जाती थी और बाद में जौनपुर के अलग-अलग एटीएम (ATM) व ग्राहक सेवा केंद्रों (CSP) से कैश निकालकर ठिकाने लगा दी जाती थी। आरोपी के खिलाफ महाराष्ट्र में भी आपराधिक केस दर्ज हैं, वहीं नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर इसके खिलाफ 20 से अधिक शिकायतें पहले से मौजूद हैं।

भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज, पासबुक और कैश बरामद

मामले का सनसनीखेज खुलासा करते हुए जौनपुर के एएसपी सिटी (ASP City) आयुष श्रीवास्तव ने बताया कि गिरफ्तार किए गए मास्टरमाइंड शुभम सिंह के पास से साइबर पुलिस ने 3 एंड्रॉयड स्मार्टफोन, 3 कीपैड फोन, 4 चालू सिम कार्ड, 15 अलग-अलग बैंकों के एटीएम कार्ड, 9 बैंक पासबुक, 7 चेकबुक और ठगी के 1 लाख 45 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। एएसपी ने बताया कि गिरोह के बाकी फरार सदस्यों (भाई, बहन और बहनोई) की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और पकड़े गए मुख्य आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।

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