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गोमांस​​​​​​ बरामदगी मामले में तीन दोषियों को उम्रकैद, अदालत ने लगाया 3 लाख रुपये का जुर्माना

गोमांस​​​​​​ बरामदगी मामले में तीन दोषियों को उम्रकैद, अदालत ने लगाया 3 लाख रुपये का जुर्माना

गांधीनगर, गुजरात: गुजरात में गोमांस बरामदगी से जुड़े एक मामले में अदालत ने तीन लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मामला गांधीनगर जिले के जमला गांव का है, जहां अगस्त 2024 में पुलिस ने एक घर पर छापा मारकर 277 किलोग्राम गोमांस सहित कई सामान बरामद किए थे। अदालत ने दोषियों पर कुल 3 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बी.आर. राजपूत ने वसीम कुरैशी, मोहम्मद रफीक कुरैशी और अशफाक बहेलिम को सजा सुनाई। फैसले के बाद गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने पुलिस और अभियोजन पक्ष की जांच की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में गौहत्या के मामलों में कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

घर पर छापेमारी के दौरान हुआ था खुलासा

अभियोजन पक्ष के अनुसार, 22 अगस्त 2024 को गांधीनगर जिले के जमला गांव में एक घर पर छापा मारा गया था। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया था। मौके से 277 किलोग्राम गोमांस, कथित तौर पर पशुओं को काटने में इस्तेमाल होने वाले हथियार और मांस ले जाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक वाहन जब्त किया गया था।

अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि आरोपी आर्थिक लाभ के लिए लोगों को भैंस खरीदने के बहाने बुलाते थे और इसके बाद गायों को मारते थे। मामले की सुनवाई के दौरान पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

फैसले में धार्मिक ग्रंथों का भी उल्लेख

रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने अपने फैसले में हिंदू धर्मग्रंथों और प्राचीन संस्कृत ग्रंथों का उल्लेख करते हुए गाय के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर टिप्पणी की। फैसले में गाय को भारतीय धार्मिक परंपरा में विशेष स्थान प्राप्त होने की बात कही गई।

अदालत ने मामले में दोषियों पर 3 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में जुर्माने की राशि तीनों दोषियों के बीच किस तरह निर्धारित की गई, इसका विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है।

उपमुख्यमंत्री ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना की

गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने फैसले का स्वागत किया। उन्होंने गांधीनगर पुलिस और अभियोजन पक्ष को जांच तथा अदालत में ठोस साक्ष्य पेश करने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि गुजरात में पशु संरक्षण से जुड़े कानूनों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

गुजरात पशु संरक्षण अधिनियम में वर्ष 2017 में संशोधन के बाद गौहत्या के लिए सजा को कड़ा किया गया था। इसके तहत दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास का प्रावधान किया गया।

सत्य रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह समाचार उपलब्ध प्रकाशित रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है। मामले से संबंधित कानूनी तथ्यों और सजा के विवरण के लिए अदालत के आधिकारिक आदेश को अंतिम आधार माना जाना चाहिए।

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