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​AI की ऐसी डिमांड कि 7 महीने में 975% चढ़ गया ये शेयर, जानें आगे का पूरा प्लान

AI और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग का असर ऑप्टिकल फाइबर कंपनियों पर भी दिखाई दे रहा है. Sterlite Technologies का शेयर इस साल जनवरी के ₹84.65 के 52वीक लो से बढ़कर 15 सितंबर 2026 को ₹910 के स्तर तक पहुंच गया. यानी करीब सात महीने में शेयर ने लगभग 975% की तेजी दर्ज की. 25 सितंबर को कंपनी का शेयर करीब ₹867 के आसपास था.

​AI की ऐसी डिमांड कि 7 महीने में 975% चढ़ गया ये शेयर, जानें आगे का पूरा प्लान

AI डेटा सेंटर से क्यों बढ़ रही फाइबर की मांग?

AI डेटा सेंटर में बड़ी संख्या में GPU आपस में लगातार डेटा शेयर करते हैं. ऐसे में सामान्य क्लाउड डेटा सेंटर की तुलना में नेटवर्क और ऑप्टिकल फाइबर की जरूरत काफी ज्यादा होती है. Financial Express की रिपोर्ट के मुताबिक, अलगअलग AI चिप आर्किटेक्चर के साथ प्रति रैक फाइबर की जरूरत भी तेजी से बढ़ रही है.

STL के मुताबिक, पुराने फ्रंटएंड रैक में करीब 1,000 फाइबर की जरूरत थी, जबकि Hopper आधारित रैक में यह करीब 4,000 और Blackwell रैक में करीब 16,000 तक पहुंच गई. आगे Vera Rubin आर्किटेक्चर में यह संख्या करीब 64,000 फाइबर प्रति रैक तक पहुंचने का अनुमान है.

Q1 में रिकॉर्ड प्रदर्शन

वित्त वर्ष 202627 की पहली तिमाही कंपनी के लिए बेहद मजबूत रही. STL का रेवेन्यू सालाना आधार पर 87% बढ़कर ₹1,910 करोड़ पहुंच गया. EBITDA ₹397 करोड़ रहा, जो एक साल पहले की समान तिमाही के ₹140 करोड़ से काफी अधिक है. EBITDA मार्जिन 20.8% रहा. कंपनी का PAT भी बढ़कर ₹197 करोड़ हो गया.

कंपनी के कारोबार में डेटा सेंटर की हिस्सेदारी भी तेजी से बढ़ी है. Q1 FY27 में डेटा सेंटर सेगमेंट का योगदान करीब 21% रहा, जबकि FY26 में यह करीब 1% था.

₹10,000 करोड़ का हाइपरस्केलर ऑर्डर

STL को एक ग्लोबल हाइपरस्केलर से करीब 1.11 अरब डॉलर यानी लगभग ₹10,000 करोड़ का मल्टीईयर कॉन्ट्रैक्ट मिला है. यह ऑर्डर अगली पीढ़ी के AI डेटा सेंटर के लिए ऑप्टिकल कनेक्टिविटी प्रोडक्ट्स से जुड़ा है और इसकी डिलीवरी FY29 तक होनी है.Q1 FY27 में कंपनी ने कुल ₹13,100 करोड़ के ऑर्डर हासिल किए. इसका ओपन ऑर्डर बुक ₹18,618 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया.

FY29 तक ₹20,000 करोड़ रेवेन्यू का लक्ष्य

STL ने सितंबर में ‘Lakshya’ ग्रोथ प्लान पेश किया है. कंपनी का लक्ष्य FY29 तक ₹20,000 करोड़ का रेवेन्यू हासिल करना और EBITDA मार्जिन को 27% या उससे ऊपर ले जाना है. FY26 में कंपनी का रेवेन्यू ₹4,750 करोड़ था. इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए कंपनी अगले तीन वित्त वर्षों में करीब ₹3,000 करोड़ का कैपेक्स करने की योजना बना रही है.

शेयर में तेजी के साथ valuation भी अहम

शेयर में तेज उछाल के बाद valuation निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण हो गया है. Financial Express की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी का मौजूदा मूल्यांकन FY29 के महत्वाकांक्षी रेवेन्यू लक्ष्य को काफी हद तक ध्यान में रखता है. इसलिए आगे की तेजी कंपनी की कमाई, ऑर्डर को रेवेन्यू में बदलने की क्षमता और FY29 के लक्ष्यों को पूरा करने पर निर्भर करेगी.

कंपनी के सामने क्षमता बढ़ाने, कच्चे माल की उपलब्धता, जर्मेनियम और हीलियम की लागत तथा वैश्विक व्यापार नीतियों से जुड़े जोखिम भी हैं. इसलिए ₹20,000 करोड़ का लक्ष्य कंपनी की योजना है, न कि निश्चित भविष्य की कमाई.

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