
हरदोई, उत्तर प्रदेश: एक छोटे से परिवार की जिंदगी में उस दिन ऐसा तूफान आया, जिसने सब कुछ बदलकर रख दिया। पति-पत्नी और उनका पांच साल का बेटा एक साथ रहते थे। पति आटा चक्की चलाकर परिवार का गुजारा करता था, लेकिन एक दिन घर लौटने पर उसने जो देखा, उसके बाद गुस्से और शक ने उसे ऐसे फैसले की ओर धकेल दिया, जिसका अंजाम बेहद दर्दनाक हुआ।
यह घटना हरदोई शहर कोतवाली क्षेत्र की बताई जाती है। लल्ला नाम का व्यक्ति अपनी 27 वर्षीय पत्नी दुर्गा और पांच साल के बेटे लकी के साथ शारदा नहर के पास रहता था। उसकी रोजमर्रा की जिंदगी आटा चक्की चलाने और परिवार की जरूरतें पूरी करने में गुजरती थी।
बताया जाता है कि एक रविवार सुबह लल्ला शौच के लिए घर से बाहर गया था। जब वह वापस लौटा, तो उसने अपनी पत्नी को घर में गांव के ही एक युवक के साथ देखा। वह युवक शारदा नहर पुल के पास दुकान चलाता था। पति को अचानक सामने देखकर युवक वहां से निकल गया। इसके बाद घर में पति-पत्नी के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि लल्ला ने आपा खो दिया। गुस्से में उसने पहले दुर्गा के साथ मारपीट की और फिर कुल्हाड़ी से उसकी गर्दन पर कई वार कर दिए। गंभीर चोटों के कारण दुर्गा की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद लल्ला ने भागने की कोशिश करने के बजाय पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल की जांच की और जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और उस युवक की भूमिका सहित घटना से जुड़े दूसरे पहलुओं की पड़ताल की। अधिकारियों के मुताबिक, हत्या के पीछे की परिस्थितियों और पूरे घटनाक्रम को समझने के लिए जांच की जा रही थी।
इस घटना का सबसे दर्दनाक पहलू पांच साल का वह मासूम बच्चा था, जिसने बहुत छोटी उम्र में अपना परिवार खो दिया। जिस घर में कभी माता-पिता और बच्चे की जिंदगी साथ गुजर रही थी, वहां एक पल के गुस्से ने सब कुछ खत्म कर दिया।
सीख: रिश्तों में विवाद या शक कितना भी गहरा क्यों न हो, हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकती। गुस्से में उठाया गया एक कदम कई जिंदगियों को हमेशा के लिए बदल सकता है।
— Satya Report



