
दूर से देखने पर यह पक्षी किसी खिलौने या कार्टून के किरदार जैसा लगता है। इसकी चमकीली नारंगी चोंच, काले-सफेद पंख और आंखों के आसपास का खास रंग इसे दूसरे पक्षियों से बिल्कुल अलग बनाता है। इसे अटलांटिक पफिन (Atlantic Puffin) कहा जाता है। अपनी अनोखी बनावट के कारण यह दुनिया के सबसे आकर्षक समुद्री पक्षियों में गिना जाता है।
अटलांटिक पफिन को ‘समुद्री तोता’ और ‘समुद्र का जोकर’ भी कहा जाता है। यह अपना ज्यादातर जीवन समुद्र में बिताता है और प्रजनन के मौसम में चट्टानी द्वीपों तथा समुद्र तटों पर लौटता है। आकार में छोटा होने के बावजूद यह पानी के अंदर गहराई तक गोता लगाकर मछलियों का शिकार कर सकता है।
आइए जानते हैं इस अनोखे पक्षी की जीवनशैली, भोजन, प्रजनन और इससे जुड़े 15 रोचक तथ्य।
अटलांटिक पफिन कहां पाया जाता है?
अटलांटिक पफिन उत्तरी अटलांटिक महासागर में पाया जाता है। इसकी बड़ी आबादियां आइसलैंड, नॉर्वे, ग्रीनलैंड, ब्रिटेन, आयरलैंड और कनाडा के पूर्वी तट के आसपास के द्वीपों में रहती हैं।
यह खुले समुद्र में लंबा समय बिताता है, लेकिन प्रजनन के मौसम में जमीन पर लौट आता है। इसके लिए चट्टानी द्वीप और समुद्र के किनारे मौजूद घास वाले इलाके महत्वपूर्ण होते हैं।
अटलांटिक पफिन के बारे में 15 रोचक तथ्य
1. पफिन की दुनिया में तीन प्रमुख प्रजातियां हैं
पफिन पक्षियों की तीन प्रमुख प्रजातियां मानी जाती हैं। इनमें अटलांटिक पफिन, हॉर्न्ड पफिन और टफ्टेड पफिन शामिल हैं। अटलांटिक पफिन उत्तरी अटलांटिक महासागर में पाया जाता है, जबकि दूसरी दोनों प्रजातियां मुख्य रूप से उत्तरी प्रशांत महासागर के आसपास रहती हैं।
2. इसे समुद्री तोता भी कहा जाता है
अटलांटिक पफिन की सबसे खास पहचान इसकी रंग-बिरंगी चोंच है। प्रजनन के मौसम में इसकी चोंच नारंगी, पीले और नीले रंगों से सजी दिखाई देती है। इसकी चोंच का आकार तोते जैसा लगता है, इसलिए इसे समुद्री तोता कहा जाता है।
3. आकार में काफी छोटा होता है यह पक्षी
अटलांटिक पफिन की लंबाई लगभग 28 से 30 सेंटीमीटर होती है। इसका वजन आमतौर पर 400 से 500 ग्राम के आसपास रहता है। छोटा शरीर होने के बावजूद यह समुद्र में तैरने और गोता लगाने में बेहद माहिर होता है।
4. पानी के अंदर 60 मीटर तक गोता लगा सकता है
पफिन मछलियों का शिकार करने के लिए समुद्र में गोता लगाता है। यह सामान्य तौर पर कई मीटर गहराई तक जाता है और जरूरत पड़ने पर लगभग 60 मीटर या उससे अधिक गहराई तक भी पहुंच सकता है। इसके पंख पानी के अंदर तैरने और दिशा बदलने में मदद करते हैं।
5. अपना ज्यादातर जीवन समुद्र में बिताता है
अटलांटिक पफिन साल का बड़ा हिस्सा खुले समुद्र में बिताता है। प्रजनन के मौसम में ही यह जमीन पर लौटता है। समुद्र में रहते हुए यह भोजन तलाशता है और पानी की सतह पर आराम भी करता है।
6. इसकी चोंच का रंग मौसम के साथ बदलता है
अटलांटिक पफिन की चोंच प्रजनन के मौसम में बेहद चमकीली दिखाई देती है। सर्दियों में इसका रंग अपेक्षाकृत फीका हो जाता है और चोंच की बाहरी परत का कुछ हिस्सा झड़ जाता है। वसंत और गर्मियों में इसकी चोंच फिर से चमकीले रंगों में नजर आने लगती है।
7. पफिन अपने साथी के साथ मिलकर बच्चों की देखभाल करता है
प्रजनन के मौसम में नर और मादा पफिन मिलकर घोंसला तैयार करते हैं। दोनों अंडे सेने और बच्चे को पालने में हिस्सा लेते हैं। ये अक्सर पुराने साथी के साथ दोबारा जोड़ी बनाते हैं, हालांकि हर पफिन का जीवनभर एक ही साथी के साथ रहना जरूरी नहीं है।
8. मादा आमतौर पर एक ही अंडा देती है
अटलांटिक पफिन की मादा आमतौर पर एक प्रजनन मौसम में एक अंडा देती है। नर और मादा बारी-बारी से अंडे को सेते हैं। अंडे से बच्चा निकलने के बाद दोनों उसे भोजन उपलब्ध कराने में मदद करते हैं।
9. पफिन एक बार में कई मछलियां पकड़ सकता है
इस पक्षी की चोंच की बनावट बेहद खास होती है। इसकी मदद से यह एक बार में कई छोटी मछलियां पकड़कर रख सकता है। इसके मुंह के अंदर मौजूद छोटे कांटेनुमा उभार मछलियों को फिसलने से रोकने में मदद करते हैं।
10. इसकी उड़ने की रफ्तार भी काफी तेज होती है
अटलांटिक पफिन अपने छोटे पंखों को बहुत तेजी से फड़फड़ाता है। उड़ान के दौरान यह लगभग 80 किलोमीटर प्रति घंटे या इससे अधिक की रफ्तार तक पहुंच सकता है। तेजी से पंख चलाने के कारण इसे उड़ते हुए देखना काफी दिलचस्प लगता है।
11. इसके पंख पानी से बचाव करने में मदद करते हैं
पफिन के पंख घने होते हैं और उन पर मौजूद प्राकृतिक तेल उन्हें पानी से बचाने में मदद करता है। यह तेल इसकी पूंछ के पास मौजूद विशेष ग्रंथि से निकलता है। पफिन अपनी चोंच से इस तेल को पंखों पर फैलाता है, जिससे ठंडे पानी में शरीर को गर्म रखने में मदद मिलती है।
12. यह ठंडे समुद्री इलाकों में भी आसानी से रह सकता है
अटलांटिक पफिन का शरीर ठंडे समुद्री वातावरण के अनुकूल होता है। इसके घने पंख और शरीर में मौजूद वसा इसे ठंड से बचाने में मदद करते हैं। यही वजह है कि यह उत्तरी अटलांटिक के ठंडे पानी में भी जीवन बिता सकता है।
13. पफिन जमीन के अंदर घोंसला बनाता है
प्रजनन के समय अटलांटिक पफिन चट्टानों और घास से ढकी जमीन में बिल जैसा घोंसला बनाता है। कई बार यह प्राकृतिक दरारों और पुराने बिलों का भी इस्तेमाल करता है। मादा इसी घोंसले में अंडा देती है और माता-पिता मिलकर बच्चे की देखभाल करते हैं।
14. अटलांटिक पफिन 20 से 30 साल तक जीवित रह सकता है
यह पक्षी लंबे समय तक जीवित रहने वाली समुद्री प्रजातियों में शामिल है। जंगल में कई अटलांटिक पफिन 20 साल से अधिक समय तक जीवित रहते हैं। कुछ पक्षी 30 साल या उससे ज्यादा उम्र भी हासिल कर सकते हैं।
15. जलवायु परिवर्तन और भोजन की कमी से इसे खतरा है
अटलांटिक पफिन को समुद्र में भोजन की उपलब्धता पर निर्भर रहना पड़ता है। समुद्र के तापमान में बदलाव से छोटी मछलियों की संख्या और उनके मिलने वाले स्थान प्रभावित हो सकते हैं। इसके अलावा प्रदूषण, मछली पकड़ने की गतिविधियां और प्रजनन स्थलों में बदलाव भी इसकी आबादी पर असर डाल सकते हैं।
अटलांटिक पफिन क्या खाता है?
अटलांटिक पफिन मांसाहारी समुद्री पक्षी है। इसका मुख्य भोजन छोटी मछलियां होती हैं। इनमें सैंड ईल, हेरिंग और कैपलिन जैसी मछलियां शामिल हैं।
यह पानी में गोता लगाकर अपने पंखों की मदद से आगे बढ़ता है और चोंच से मछलियों को पकड़ता है। कभी-कभी यह एक ही बार में कई छोटी मछलियां चोंच में दबाकर अपने घोंसले में मौजूद बच्चे तक पहुंचाता है।
अटलांटिक पफिन को समुद्र का जोकर क्यों कहते हैं?
अटलांटिक पफिन को समुद्र का जोकर कहने की वजह इसका अनोखा चेहरा और रंग-बिरंगी चोंच है। इसकी आंखों के आसपास हल्के रंग की बनावट और नारंगी रंग के पैर इसे काफी अलग रूप देते हैं।
प्रजनन के मौसम में इसकी चोंच और भी चमकीली दिखाई देती है। इसी खास रूप के कारण यह पक्षी पर्यटकों और वन्यजीव प्रेमियों के बीच काफी लोकप्रिय है।
अटलांटिक पफिन के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अटलांटिक पफिन कहां पाया जाता है?
यह मुख्य रूप से उत्तरी अटलांटिक महासागर के आसपास पाया जाता है। आइसलैंड, नॉर्वे, ग्रीनलैंड, ब्रिटेन, आयरलैंड और कनाडा के पूर्वी तट के द्वीप इसके प्रमुख निवास क्षेत्र हैं।
अटलांटिक पफिन क्या खाता है?
यह मुख्य रूप से छोटी मछलियां खाता है। सैंड ईल, हेरिंग और कैपलिन इसका प्रमुख भोजन हैं।
अटलांटिक पफिन पानी में कितनी गहराई तक गोता लगा सकता है?
यह आमतौर पर कई मीटर गहराई तक गोता लगाता है और जरूरत पड़ने पर लगभग 60 मीटर या उससे अधिक गहराई तक भी जा सकता है।
पफिन को समुद्री तोता क्यों कहा जाता है?
इसकी रंग-बिरंगी और तोते जैसी दिखने वाली चोंच के कारण इसे समुद्री तोता कहा जाता है।
अटलांटिक पफिन कितने साल जीवित रहता है?
यह पक्षी आमतौर पर 20 साल से अधिक जीवित रह सकता है। कुछ पफिन 30 साल या उससे ज्यादा उम्र तक भी पहुंचते हैं।
अटलांटिक पफिन आकार में भले ही छोटा हो, लेकिन इसकी उड़ने, तैरने और समुद्र में शिकार करने की क्षमता इसे बेहद खास बनाती है। इसकी रंग-बिरंगी चोंच और अनोखी जीवनशैली प्रकृति की विविधता का शानदार उदाहरण हैं। समुद्री पर्यावरण और इसके प्रजनन स्थलों को सुरक्षित रखना इस खूबसूरत पक्षी के भविष्य के लिए बेहद जरूरी है।
— Satya Report



