2027 के विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश में महिलाओं के लिए खजाना खोल दिया है. हाल के कुछ दिनों में एक के बाद एक कई बड़े ऐलान किए गए हैं. एक दिन पहले सरकार ने यूपी में आंगनबाड़ियों और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाया और उन्हें 5 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा देने का ऐलान किया. सीएम योगी आदित्यनाथ ने आंगनबाड़ियों का मानदेय 8 से 12 हजार रुपये महीने कर दिया. वहीं, आंगनबाड़ी सहायिकाओं के मानदेय में बढ़ोतरी की. इनका मानदेय बढ़ाकर 6000 कर दिया.

इससे पहले 50000 बेटियों के लिए स्कूटी देने का ऐलान किया. वहीं, कल यानी बुधवार को योगी सरकार ने महिलाओं के लिए एक और बड़ा ऐलान किया. महिलाओं के लिए 1 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण योजना का ऐलान किया गया है. 1 करोड़ महिलाओ को इसका लाभ मिलेगा. उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने इसकी घोषणा की.
बिना ब्याज मिलेगा 1 लाख का ऋण
उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को बिना ब्याज कर्ज मिलेगा. पहले चरण में 20 हजार रुपये का ऋण मिलेगा. समय पर भुगतान करने पर अगली किस्त 30 हजार की होगी. वहीं, दूसरी किस्त चुकाने पर तीसरे चरण में 50 हजार रुपये तक क्रेडिट लिमिट होगी. महिलाओं को छोटे कारोबार और पहले से चल रहे उद्यम को विस्तार देने के लिए कर्ज मिलेगा.
अब तक हुए ये ऐलान
- यूपी में आंगनबाड़ियोंसहायिकाओं का मानदेय में बढ़ोतरी
- यूपी में 50000 बेटियों के लिए स्कूटी देने का ऐलान
- महिलाओं के लिए 1 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण
- 5 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा देने का ऐलान
BJP फोकस महिला वोट बैंक पर
2027 चुनाव से पहले BJP सरकार का बड़ा फोकस महिला वोट बैंक पर है. महिला समूहों को डिजिटल सुविधाओं से जोड़ने के लिए ‘आईडी कार्ड’ उपलब्ध कराने की भी तैयारी है. महिलाओं को आईडी कार्ड से डिजिटल भुगतान, डिजिटल मार्केटिंग और ऑनलाइन बिक्री जैसी सुविधाएं मिलेंगी. ईरिक्शा योजना में 2 लाख रुपये तक के वाहनों की खरीद पर भी विचार किया जा रहा है.
100 ‘महिला शक्ति केंद्र’ स्थापित करने के भी निर्देश दिए गए हैं. यूपी सरकार की योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत कर चुनाव से पहले बड़ा संदेश देने की है. यूपी में महिला वोटरों को साधने की दिशा में सरकार का यह एक बड़ा कदम है और 2027 के लिहाज से यह काफी अहम है.



