
कहते हैं कि खुशियों के आने की कोई उम्र नहीं होती। अमेरिका के नॉर्मन टूसिग्नेंट की कहानी इस बात की अनोखी मिसाल है। उन्होंने 92 साल की उम्र में पहली बार दादा बनकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया। इस अनोखी उपलब्धि की चर्चा अब दुनिया भर में हो रही है।
92 साल की उम्र में घर आई नन्ही परी
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के मुताबिक, नॉर्मन टूसिग्नेंट के परिवार में 22 सितंबर 2022 को बेटी मैडिसन का जन्म हुआ। उस समय नॉर्मन की उम्र 92 साल और 24 दिन थी। उनके लिए यह पल बेहद खास था, क्योंकि इतनी उम्र तक पहुंचने के बावजूद वह पहली बार दादा बने थे।
आमतौर पर इस उम्र में लोग अपने पोते-पोतियों के बच्चों को खिलाते नजर आते हैं, लेकिन नॉर्मन के परिवार में पीढ़ियों से जुड़ी यह खुशी काफी देर से आई। मैडिसन के जन्म ने परिवार के लिए इस पल को यादगार बना दिया।
96वें जन्मदिन पर मिला गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड
इस असाधारण घटना के बारे में जानकारी जुटाने के बाद नॉर्मन के परिवार ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स से संपर्क किया। इसके बाद अगस्त 2026 में, अपने 96वें जन्मदिन के मौके पर, नॉर्मन को दुनिया के सबसे उम्रदराज पहली बार दादा बनने वाले व्यक्ति का रिकॉर्ड दिया गया।
यह उपलब्धि इसलिए भी खास है, क्योंकि इसमें केवल उम्र नहीं, बल्कि पहली बार दादा बनने की उम्र को आधार बनाया गया।
ऑस्ट्रेलिया के चार्ल्स स्मिथ का रिकॉर्ड टूटा
नॉर्मन से पहले यह रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के चार्ल्स स्मिथ के नाम बताया गया था। नॉर्मन ने उनसे लगभग छह महीने अधिक उम्र में पहली बार दादा बनकर यह उपलब्धि हासिल की।
उनकी कहानी इस बात की याद दिलाती है कि परिवार में खुशियों के आने का कोई तय समय नहीं होता। जिंदगी के किसी भी पड़ाव पर मिलने वाला ऐसा खास पल पूरे परिवार के लिए अनमोल बन सकता है।
सोशल मीडिया पर चर्चा में आई कहानी
नॉर्मन टूसिग्नेंट की कहानी लोगों का ध्यान खींच रही है। जहां कुछ लोग उनकी उम्र जानकर हैरान हैं, वहीं कई लोग इसे परिवार और रिश्तों से जुड़ी एक अनोखी घटना के रूप में देख रहे हैं।
यह कहानी बताती है कि जीवन में कुछ घटनाएं इतनी अप्रत्याशित होती हैं कि वे लंबे समय तक याद रह जाती हैं। 92 साल की उम्र में पहली बार दादा बनना नॉर्मन और उनके परिवार के लिए ऐसा ही एक खास अनुभव रहा।
सत्य रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध प्रकाशित जानकारी पर आधारित है। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड से जुड़े विवरणों के लिए आधिकारिक रिकॉर्ड को प्राथमिक स्रोत माना जाना चाहिए।



