
एक गांव में लोगों का भरोसा जीतकर खुद को तंत्र-मंत्र का जानकार बताने वाला एक व्यक्ति उस समय चर्चा में आ गया, जब कई परिवारों ने उस पर गंभीर आरोप लगाए। शिकायत के मुताबिक, वह महिलाओं की घरेलू परेशानियों, संतान संबंधी चिंताओं और पति की बीमारी का फायदा उठाकर उन्हें अपने प्रभाव में लेता था। पूजा-पाठ और झाड़-फूंक के नाम पर महिलाओं को अकेले बुलाने और कथित तौर पर उनका यौन शोषण करने की बात सामने आई। मामला खुलने के बाद गांव के कई परिवार एक साथ आए और पुलिस से कार्रवाई की मांग की।
बेटे की बीमारी से शुरू हुआ पूरा मामला
यह घटना मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के एक गांव से जुड़ी बताई जाती है। वहां रहने वाले एक परिवार का बड़ा बेटा लंबे समय से बीमार था। कई जगह इलाज कराने के बाद भी उसकी हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। इसी दौरान उसकी पत्नी एक ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आई, जो झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र के जरिए समस्याएं दूर करने का दावा करता था।
परिवार को उम्मीद थी कि पूजा-पाठ से बीमार युवक को राहत मिल सकती है। शुरुआत में महिला अपने पति को साथ लेकर उसके पास जाती थी। कथित तौर पर वह व्यक्ति बीमारी के पीछे बुरी शक्तियों का प्रभाव बताकर परिवार को डराता और नियमित रूप से पूजा कराने की सलाह देता था।
कुछ समय बाद उसने महिला से अकेले आने के लिए कहा। आरोप है कि वह पति की बीमारी और वैवाहिक जीवन से जुड़ी परेशानियों का हवाला देकर महिला को मानसिक रूप से अपने प्रभाव में लेने लगा। फिर उसने विशेष पूजा कराने के नाम पर दूसरे शहर जाने का प्रस्ताव रखा।
पूजा के नाम पर शहर ले जाने का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया कि महिला को रिश्तेदार के यहां जाने की बात कहकर घर से निकलने के लिए तैयार किया गया। इसके बाद उसे दूसरे शहर ले जाकर एक होटल में ठहराया गया। कथित तौर पर वहां पूजा की आड़ में उसके साथ यौन शोषण किया गया।
महिला कुछ दिनों बाद घर लौट आई, लेकिन उसके व्यवहार में बदलाव देखकर परिवार के लोगों को संदेह होने लगा। घरवालों ने उसे उस व्यक्ति के पास जाने से रोकने की कोशिश की, मगर इस पर परिवार में विवाद होने लगा।
मामले ने तब नया मोड़ लिया, जब परिवार के एक सदस्य को महिला के मोबाइल में उस व्यक्ति से जुड़ी आपत्तिजनक तस्वीरें और अन्य सामग्री मिलने का दावा किया गया। इसके बाद परिवार को शक हुआ कि मामला केवल झाड़-फूंक तक सीमित नहीं है।
एक परिवार की शिकायत के बाद दूसरे लोग भी आए सामने
परिवार के मुखिया को आशंका थी कि कहीं गांव की दूसरी महिलाएं भी इसी तरह के जाल में न फंसी हों। उन्होंने गांव के कुछ बुजुर्गों के सामने अपनी परेशानी रखी। इसके बाद अन्य परिवारों ने भी संबंधित व्यक्ति के व्यवहार को लेकर शिकायतें सामने रखीं।
ग्रामीणों ने कथित तांत्रिक के खिलाफ पुलिस से शिकायत की। आवेदन में आरोप लगाया गया कि वह अपनी पहचान छिपाने के लिए दूसरे नाम से बने पहचान-पत्र का इस्तेमाल करता था और महिलाओं को दूसरे शहरों में ले जाकर होटलों में ठहराता था। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और मामले में पहचान-पत्र से जुड़े तथ्यों की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।
घर की तलाशी में क्या मिलने का दावा किया गया?
प्रकाशित विवरण के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने संबंधित व्यक्ति के घर पर छापा मारा। तलाशी के दौरान तंत्र-मंत्र से जुड़ी सामग्री, आपत्तिजनक साहित्य और तस्वीरें तथा कुछ दवाइयां मिलने की बात कही गई। एक अन्य नाम से बने कथित फर्जी पहचान-पत्र के मिलने का दावा भी किया गया।
आरोपी ने शुरुआत में महिलाओं के यौन शोषण के आरोपों से इनकार किया था। आगे पूछताछ में उसने कथित तौर पर कई महिलाओं से जुड़े मामलों की जानकारी दी—ऐसा प्रकाशित रिपोर्ट में दावा किया गया है। हालांकि, किसी भी बयान या आरोप को अदालत में प्रमाणित होने से पहले अंतिम सच नहीं माना जा सकता।
कई महिलाओं के शोषण की आशंका
रिपोर्ट में दावा किया गया कि आसपास के गांवों की 50 से अधिक महिलाएं कथित तौर पर इस मामले से प्रभावित हो सकती थीं। पुलिस द्वारा अन्य संभावित पीड़ितों की जानकारी जुटाने और शिकायतों की पड़ताल करने की बात कही गई थी।
ऐसे मामलों में सामाजिक बदनामी का डर अक्सर पीड़ितों को सामने आने से रोकता है। इसलिए शिकायतों की संवेदनशीलता के साथ जांच करना, महिलाओं की पहचान गोपनीय रखना और उन्हें कानूनी सहायता उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है।
अंधविश्वास और मजबूरी का फायदा उठाने से रहें सावधान
बीमारी, संतान संबंधी चिंता या पारिवारिक परेशानी के समय लोग अक्सर जल्दी राहत पाने की उम्मीद में तरह-तरह के उपाय आजमाते हैं। लेकिन यदि कोई व्यक्ति डर दिखाकर पैसे मांगता है, अकेले मिलने का दबाव डालता है, गुप्त अनुष्ठान के नाम पर दूसरे शहर ले जाने की बात करता है या शारीरिक संपर्क को इलाज का हिस्सा बताता है, तो सतर्क हो जाना चाहिए।
बीमारी की स्थिति में योग्य चिकित्सक से इलाज कराना और किसी भी तरह के दबाव या शोषण की आशंका होने पर पुलिस अथवा भरोसेमंद सहायता सेवा से संपर्क करना जरूरी है।
सत्य रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध प्रकाशित विवरण पर आधारित है। इसमें वर्णित आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि यहां नहीं की गई है। आरोपी की दोषसिद्धि के संबंध में कोई निष्कर्ष निकालने से पहले जांच और न्यायिक प्रक्रिया के परिणाम को ध्यान में रखना आवश्यक है।



