
कानपुर, अमृत विचार। लखनऊ एक्सप्रेसवे तक पहुंचने में कानपुर के लोगों को हो रही परेशानी को दूर करने की दिशा में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने कदम बढ़ाया है। एक्सप्रेसवे को कानपुर शहर से सीधे जोड़ने की संभावनाओं का सर्वे को शुरू कराया जा रहा है। NHAI ने सर्वे की जिम्मेदारी एक प्राइवेट कंपनी को सौंपी है। फिलहाल एक्सप्रेसवे को प्रयागराज हाईवे से जोड़कर सीधी कनेक्टिविटी देने के ऑपशन पर भी विचार किया जा रहा है।
एक्सप्रेसवे तक पहुंचने में लग रहा एक से डेढ़ घंटा
कानपुरलखनऊ एक्सप्रेसवे करीब 63 किलोमीटर लंबा है और इसके जरिए लखनऊ का सफर अधिकतम करीब 45 मिनट में पूरा किया जा सकता है, लेकिन मौजूदा व्यवस्था में शहर से एक्सप्रेसवे तक पहुंचना ही वाहन चालकों के लिए परेशानी बना हुआ है।
वर्तमान में एक्सप्रेसवे का प्रवेश और निकास द्वार जाजमऊ गंगा पुल से करीब तीन किलोमीटर आगे उन्नाव में स्थित है। वहां तक पहुंचने के दौरान कानपुरलखनऊ हाईवे और जाजमऊ पुल पर भारी यातायात के कारण वाहन चालकों को जाम और धीमी रफ्तार का सामना करना पड़ता है। इससे एक्सप्रेसवे पर तेज सफर का लाभ शहर के लोगों को पूरी तरह नहीं मिल पा रहा है।
प्रयागराज हाईवे से जोड़ने पर विचार
एनएचएआई ने एक्सप्रेसवे को कानपुर से सीधे जोड़ने की परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इसके बाद निजी कंपनी से सर्वे कराने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी मिल गई है।
अधिकारियों के अनुसार, एक्सप्रेसवे को प्रयागराज हाईवे से जोड़ने की संभावना का अध्ययन किया जा रहा है। शहर के अन्य हिस्सों से कनेक्टिविटी देने के विकल्पों में कई तरह की बाधाएं सामने आ रही हैं। वहीं प्रस्तावित मार्ग में भूमि अधिग्रहण की समस्या अपेक्षाकृत कम रहने की उम्मीद है।
आउटर रिंग रोड से जोड़ने का विकल्प भी
एक्सप्रेसवे को कानपुर में तेजी से आकार ले रही आउटर रिंग रोड से जोड़ने का प्रस्ताव भी सामने है। हालांकि एनएचएआई अधिकारियों का मानना है कि केवल आउटर रिंग रोड से कनेक्टिविटी देने से भविष्य में यातायात संबंधी समस्या का पूरी तरह समाधान नहीं हो सकेगा।
इसी वजह से शहर को एक्सप्रेसवे से सीधे जोड़ने के अन्य विकल्पों का भी तकनीकी अध्ययन कराया जा रहा है।
सर्वे रिपोर्ट के बाद बनेगी DPR
निजी कंपनी की ओर से सर्वे पूरा किए जाने के बाद उसकी रिपोर्ट के आधार पर फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद परियोजना की विस्तृत डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
इस कनेक्टिविटी के विकसित होने से कानपुर शहर से लखनऊ एक्सप्रेसवे तक पहुंच आसान होने और मौजूदा मार्ग पर यातायात दबाव कम करने की उम्मीद है।



