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IPS की मां की मौत का सच क्या? SP ने कहा- चोट का कोई निशान नहीं मिला… पुलिस की थ्योरी से और उलझा केस

आखिर मां की मौत हुई कैसे? क्या बुजुर्ग महिला की हत्या कर उनके साथ लूटपाट की गई या फिर यह एक सामान्य मौत है? अपनी मां की मौत की हकीकत जानने के लिए एक IPS अधिकारी दरदर भटकने और न्याय का इंतजार करने को मजबूर हैं. पुलिस और मृतक महिला के बेटे, आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्रा के बयानों में जो भारी विरोधाभास सामने आया है, उससे यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि जब एक IPS अधिकारी को न्याय के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, तो आम जनता का क्या होगा. भावुक होकर आशुतोष मिश्रा ने कहा, “किसी निर्दोष को सताइए मत और किसी गलत को छोड़िए मत, नहीं तो मेरी मां की आत्मा दुखी होगी.”

IPS अधिकारी आशुतोष मिश्रा अंबेडकरनगर जिले के मालीपुर थाना क्षेत्र स्थित गांव रूढ़ा धवारुआ के रहने वाले हैं. 16 अगस्त के दिन उनकी मां का शव घर के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था. मां की मौत की सूचना मिलते ही जब आशुतोष मिश्रा गांव पहुंचे और मौके के हालात देखे, तो उन्हें हत्या और लूट का गहरा संदेह हुआ.

उन्होंने तुरंत स्थानीय पुलिस को तहरीर दी, जिसके आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर शव का पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेजा. एक आईपीएस अधिकारी की मां की घर के अंदर हत्या की खबर से हड़कंप मच गया और यह मामला मीडिया की सुर्खियों में आ गया. हालांकि, पोस्टमार्टम के बाद मीडिया के एक धड़े में ऐसी खबरें चलने लगीं कि हत्या की बात झूठी है और गायब हुए गहने बरामद हो गए हैं.

इन खबरों के सामने आने के बाद IPS आशुतोष मिश्रा खुद मीडिया के सामने आए और कई तीखे सवाल खड़े किए. उन्होंने पूछा, “किसने कहा कि गहने बरामद हो गए? मुझे तो कोई गहना नहीं मिला! और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह कहां लिखा है कि हत्या नहीं हुई है?”

पुलिस और IPS अधिकारी के बयानों में परस्पर विरोधी दावे

मां की मौत को लेकर पुलिस प्रशासन और आईपीएस बेटे के दावों में जमीनआसमान का अंतर देखने को मिल रहा है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जिले की एसपी प्राची सिंह ने मीडिया को दिए बयान में कहा था कि शव पर किसी भी तरह के चोट के निशान नहीं मिले हैं. पोस्टमार्टम से मौत के सटीक कारणों की पुष्टि नहीं हो सकी है, इसलिए बिसरा सुरक्षित रखा गया है और दिल को जांच के लिए लैब भेजा जा रहा है.

वहीं दूसरी ओर, IPS आशुतोष मिश्रा ने पुलिस के दावों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी मां के मुंह से खून निकला हुआ था और मुंह में तौलिया ठूंसा गया था. इसके अलावा, उनकी मां जो सोने की चेन, तुलसी की माला, कंगन और कान के गहने पहनती थीं, वे सब गायब थे.

“जब IPS के साथ ऐसा हो रहा है, तो गरीब का क्या होगा?”

आशुतोष मिश्रा ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो गलत खबरें मीडिया में चलाई जा रही हैं, उनका खंडन खुद प्रशासन को करना चाहिए था, लेकिन यह काम उन्हें खुद आकर करना पड़ रहा है. उन्होंने व्यथित होकर कहा कि जब एक आईपीएस अधिकारी को अपनी ही मां की मौत की जांच के लिए इस स्थिति से गुजरना पड़ रहा है, तो किसी आम गरीब आदमी के साथ क्या होता होगा.

IPS आशुतोष मिश्रा का बयान सोशल मीडिया पर वायरल होने के कुछ ही समय बाद हरकत में आई पुलिस मीडिया सेल ने गहने बरामद होने की अफवाहों का आधिकारिक खंडन जारी किया. पुलिस ने स्पष्ट किया कि मुकदमे में दर्ज कराई गई कोई भी ज्वेलरी अभी तक पुलिस को बरामद नहीं हुई है और पुलिस की कई टीमें मामले की गहनता से जांच कर रही हैं.

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