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रेगिस्तान वाले राजस्थान की सबसे लंबी नदी कौन सी है, कई लोग नहीं बता पाते नाम; क्या आपको पता है?

रेगिस्तान वाले राजस्थान की सबसे लंबी नदी कौन सी है, कई लोग नहीं बता पाते नाम; क्या आपको पता है?

रेगिस्तान वाले राजस्थान में सबसे लंबी नदी कौन-सी है? कई लोग लूनी या चंबल का नाम लेते हैं, लेकिन सरकारी आंकड़ों और भूजल सर्वेक्षण रिपोर्ट्स के मुताबिक बनास नदी राज्य की सबसे लंबी नदी है जो पूर्ण रूप से राजस्थान में बहती है। इसकी कुल लंबाई लगभग 512 किलोमीटर है। यह अरावली की खमनोर पहाड़ियों (कुंभलगढ़ के पास, राजसमंद) से निकलती है और सवाई माधोपुर जिले के रामेश्वर के पास चंबल नदी में मिल जाती है।

राजस्थान क्यों प्रसिद्ध है?

राजस्थान भारत का सबसे बड़ा राज्य (3,42,239 वर्ग किमी) है, ‘राजाओं की भूमि’ के नाम से जाना जाता है। थार रेगिस्तान, आमेर-जैसलमेर-मेवाड़ के भव्य किले-महल, पुष्कर-कैला देवी जैसे तीर्थ, रणथंबौर-सरिस्का के टाइगर रिजर्व, रंगबिरंगे त्योहार (तीज-गणगौर-दशहरा), ऊंट-हाथी सफारी, सांस्कृतिक विरासत और विश्व प्रसिद्ध पर्यटन इसे अनुपम बनाते हैं। UNESCO साइट्स और रॉयल हेरिटेज यहां की शान हैं।

राजस्थान की सबसे लंबी नदी: बनास

राजस्थान फॉरेस्ट डिपार्टमेंट और PHED वॉटर रिसोर्सेज की हाइड्रोजियोलॉजिकल एटलस रिपोर्ट्स में बनास को ‘वन की आशा (Hope of the Forest)’ कहा गया है। इसका क्षेत्र 45,833 वर्ग किलोमीटर है, जो राज्य के जल संसाधनों में महत्वपूर्ण योगदान देता है। नदी मुख्य रूप से अजमेर, भीलवाड़ा, टोंक, बूंदी और सवाई माधोपुर जिलों से होकर गुजरती है। यह मौसमी नदी है, लेकिन मानसून में भरपूर जल प्रवाह होता है।

आखिर क्यों महत्वपूर्ण है बनास नदी

भारत जल संसाधन मंत्रालय और राजस्थान सरकार की रिपोर्ट्स के अनुसार, बनास बेसिन राज्य के पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों की कृषि, पेयजल और पर्यावरण को सहारा देता है। बीसलपुर बांध (टोंक) बनास पर स्थित प्रमुख परियोजना है, जो जयपुर सहित कई शहरों को पेयजल आपूर्ति करती है। अन्य बांधों में रजोली, नांगल और मोरई शामिल हैं। नदी घाटी में वन क्षेत्र संरक्षित हैं और वन्यजीव विविधता पाई जाती है।

रेगिस्तान की लाइफलाइन के बारे में भी जानें

पश्चिमी राजस्थान (थार डेजर्ट) में लूनी नदी सबसे महत्वपूर्ण है। अजमेर के नाग पहाड़ से निकलकर 495 किमी लंबी लूनी बालोतरा तक मीठा पानी ले जाती है, फिर खारी होकर रण ऑफ कच्छ में विलीन हो जाती है। PHED Luni Basin Atlas में इसका कैचमेंट 37,796 वर्ग किमी बताया गया है। लेकिन पूरे राज्य में बनास सबसे लंबी है। बता दें कि, जलवायु परिवर्तन, कम वर्षा और अतिकृषि से नदियां प्रभावित हैं। राजस्थान सरकार जल संरक्षण, चेक डैम और वाटरशेड प्रबंधन पर फोकस कर रही है। बनास बेसिन में वन संरक्षण और सस्टेनेबल इरिगेशन को प्राथमिकता दी जा रही है। बनास न सिर्फ लंबाई में अग्रणी है, बल्कि राज्य की जल सुरक्षा और पारिस्थितिकी का आधार भी। हालांकि, वर्तमान सरकार सही प्रबंधन से इन नदियों को पुनर्जीवित कर रही है।

डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है।

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