Satya Report: दुबई के रियल एस्टेट मार्केट में पहली बार गिरावट देखने को मिली है. महामारी के बाद से लगातार बढ़ रही घरों की कीमतें अब नीचे आने लगी हैं. विदेशी निवेशकों और अमीर प्रवासियों की वजह से यह बाजार दुनिया के सबसे हॉट मार्केट्स में शामिल हो गया था, लेकिन अब क्षेत्रीय तनाव का असर दिखने लगा है. प्रॉपर्टी कंसल्टेंसी कंपनी ValuStrat के मुताबिक, मार्च में होम प्राइस इंडेक्स करीब 5.9% गिर गया. साल 2020 के बाद यह पहली गिरावट है. हालांकि गिरावट के बावजूद कीमतें अभी भी छह महीने पहले के स्तर के आसपास ही हैं.

क्यों आई गिरावट?
दुबई, जो United Arab Emirates का हिस्सा है, लंबे समय से टैक्स-फ्री माहौल के कारण विदेशी निवेशकों और प्रवासियों को आकर्षित करता रहा है. इसी वजह से 2020 के बाद घरों की कीमतों में 70% से ज्यादा उछाल आया था. लेकिन अब हालिया भू-राजनीतिक तनाव खासकर अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई ने बाजार की रफ्तार धीमी कर दी है. कई हफ्तों तक मिसाइल और ड्रोन हमलों के खतरे से निवेशकों का भरोसा डगमगाया.
बिक्री और डील्स में भी गिरावट
रिसर्च फर्म REIDIN के अनुसार, मार्च में दुबई में रिहायशी प्रॉपर्टी की बिक्री करीब 20% घटकर 37.2 अरब दिरहम रह गई. वहीं, डील्स की संख्या भी करीब 16,000 से घटकर 13,000 के आसपास आ गई.
आगे क्या रहेगा ट्रेंड?
प्रॉपर्टी ब्रोकरेज Betterhomes के CEO लुईस हार्डिंग का कहना है कि बाजार तुरंत पुराने स्तर पर नहीं लौटेगा और कीमतों में नरमी बनी रह सकती है. उनका मानना है कि आबादी की ग्रोथ धीमी पड़ सकती है, जिससे मांग पर असर पड़ेगा.
कुछ और कारण भी जिम्मेदार
विशेषज्ञों के मुताबिक, मार्च में आई गिरावट की एक वजह ईद-उल-फितर की छुट्टियां और UAE में कई सालों की सबसे भारी बारिश भी रही. इसके बावजूद आने वाले महीनों में बाजार थोड़ा कमजोर रह सकता है. .
फिर भी पूरी तरह संकट नहीं
हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि बाजार पूरी तरह नहीं गिरेगा. पिछले कुछ सालों में दुबई ने खुद को एक स्थायी रहने की जगह के रूप में विकसित किया है. गोल्डन वीजा जैसी योजनाओं से विदेशी लोग यहां बस रहे हैं, जिससे लंबी अवधि में बाजार को सहारा मिलेगा. कुल मिलाकर, अभी दुबई का प्रॉपर्टी मार्केट थोड़ा ठंडा जरूर पड़ा है, लेकिन पूरी तरह कमजोर होने की संभावना कम मानी जा रही है.



