Satya Report: नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से पैसा निकालने के नियम अब पहले से ज्यादा लचीले और आसान हो गए हैं. पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने एग्जिट और विड्रॉल नियमों में अहम बदलाव किए हैं. नए नियम इसी साल 2026 में लागू हो गए हैं. इन नए नियमों के तहत सरकारी और कॉरपोरेट कर्मचारियों को रिटायरमेंट से पहले और बाद में पैसे निकालने के कई विकल्प मिलते हैं. अब न सिर्फ ज्यादा कैश निकालने की सुविधा है, बल्कि पेंशन के लिए एन्युटी खरीदने के नियम भी कुछ मामलों में बदले गए हैं, जिससे निवेशकों को बेहतर प्लानिंग का मौका मिलेगा.

NPS सब्सक्राइबर्स के लिए अब एग्जिट और विड्रॉल के नियम ज्यादा फ्लेक्सिबल हो गए हैं. PFRDA के नए नियमों के तहत सरकारी कर्मचारियों के लिए निवेश की अधिकतम उम्र 75 से बढ़ाकर 85 साल कर दी गई है, हालांकि वे चाहें तो इससे पहले भी बाहर निकल सकते हैं. रिटायरमेंट पर वे अपने कुल कॉर्पस का 60% तक कैश के रूप में निकाल सकते हैं, जबकि 40% राशि से एन्युटी खरीदना अनिवार्य रहेगा, जिससे नियमित पेंशन मिलेगी.
कॉरपोरेट कर्मचारियों को राहत
वहीं कॉरपोरेट सेक्टर के कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है. अब 5 साल का लॉक-इन खत्म कर दिया गया है और वेस्टिंग पीरियड को 15 साल या 60 वर्ष कर दिया गया है. सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब वे रिटायरमेंट पर 80% तक रकम एकमुश्त निकाल सकते हैं और सिर्फ 20% से एन्युटी लेना जरूरी होगा. .
कॉर्पस के आधार पर भी नए विकल्प दिए गए हैं. अगर कुल राशि 8 लाख रुपये से कम है तो पूरा पैसा एक साथ निकाला जा सकता है. 8 से 12 लाख रुपये के बीच होने पर 6 लाख रुपये तक लंपसम और बाकी रकम सिस्टमेटिक यूनिट रिडेम्पशन या एन्युटी में ली जा सकती है. 12 लाख रुपये से ज्यादा होने पर 80/20 नियम लागू होगा. समय से पहले एग्जिट की स्थिति में सरकारी कर्मचारियों को 80% राशि से एन्युटी खरीदनी होगी, जबकि कॉरपोरेट कर्मचारियों को केवल 20% ही कैश निकालने की अनुमति है. हालांकि ₹5 लाख तक के कॉर्पस पर दोनों सेक्टर के निवेशक पूरा पैसा एकमुश्त निकाल सकते हैं.
–



